हालावाद विशेष

हिन्दी शब्दकोश में हालावाद हम पढ रहे हैं हालावाद, अर्थ, परिभाषा, प्रमुख हालावादी कवि, हालावाद का समय, विशेषताएं, हालावाद पर कथन, हालावादी काव्य पर विद्वानों के कथन। गणपतिचन्द्र गुप्त ने उत्तर छायावाद/छायावादोत्तर काव्य को तीन काव्यधाराओं में व्यक्त किया है- राष्ट्रीय चेतना प्रधान व्यक्ति चेतना प्रधान समष्टि चेतना प्रधान में बांटा है। इनमें से व्यक्ति … Read more

कामायनी के विषय में कथन

कामायनी के विषय में कथन इस आलेख में कामायनी के विषय में कथन, Kamayani पर महत्त्वपूर्ण कथन, Kamayani पर किसने क्या कहा? कामायनी पर विभिन्न साहित्यकारों एवं आलोचकों के विचार आदि के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया गया है। कामायनी पर महत्त्वपूर्ण कथन Kamayani पर किसने क्या कहा? कामायनी को छायावाद का उपनिषद … Read more

नहीं है खबर मुझे

नहीं है खबर मुझे नहीं है खबर मुझे – अरुण स्वामी द्वारा रचित कविता मैं किस मुकाम पर हूँ नहीं है खबर मुझे, मुकद्दर ने मारा कैसा खंजर मुझे? मंजिल पर आके अपनी अजब हादसा हुआ, मैं धड़कन को भूल गया और मेरा दिल मुझे! -अरुण स्वामी दिल कहाँ रखा????? बेदाग जिन्दगी भटूरे (Bhature) विज्ञान … Read more

दिल कहाँ रखा?

दिल कहाँ रखा? दिल कहाँ रखा? रचनाकार अरुण स्वामी द्वारा रचित प्रसिद्ध कविता फुरसत में करेंगे तुझसे हिसाब ऐ जिन्दगी, अभी तो उलझे हैं खुद को सुलझाने में। कभी इसका दिल रखा कभी उसका दिल रखा, इसी कशमकश में भूल गए खुद का दिल कहाँ रखा????? नहीं है खबर मुझे दिल कहाँ रखा????? बेदाग जिन्दगी … Read more

बेदाग जिन्दगी

बेदाग जिन्दगी जी ऐ मुसाफिर धोखा तो तुझे जिन्दगी भी देगी दिल कहाँ रखा????? बेदाग जिन्दगी भटूरे (Bhature) विज्ञान तथा प्रकृति (Science and Nature) अतः हमें आशा है कि आपको यह जानकारी बहुत अच्छी लगी होगी। इस प्रकार जी जानकारी प्राप्त करने के लिए आप https://thehindipage.com पर Visit करते रहें।   Today: 0 Total Hits: 1082990

विज्ञान तथा प्रकृति (Science and Nature)

प्रकृति एक ऐसा शब्द जो मानव जीवन का आधार है, मानव जीव का पूरक है, मानव जीवन की कल्पना भी प्रकृति के बिना असंभव है। इन सब बातों को समेकित रूप में कहा जा सकता है कि मानव भी प्रकृति का ही एक अंश है या यूं कहें कि मानव भी प्रकृति ही है। अब … Read more

भटूरे (Bhature)

भटूरे ‘कोरोना’ का प्रकोप चल रहा है। पूरे देश में लाॅकडाउन का चौथा चरण शुरू हो गया है। आज धर्मपत्नी ने ‘टिक-टाॅक’ पर रेसिपी देखकर मुझसे कहा, ‘‘आज भटूरे बनाकर खिलाऊँगी।’’ उसकी यह बात सुनकर मेरे भी मुँह में पानी आ गया और मैंने भी आवेग में आकर कहा, ‘‘मैं भी आज इस रेसिपी बनाने … Read more

हाइकु कविता (Haiku)

हाइकु कविता (Haiku) हायकु काव्य छंद का इतिहास, अर्थ, हायकु विधा, हायकु कविता कोश, हायकु काव्य शैली, क्षेत्र, भारतीय और जापानी हायकु सहित अन्य पूरी जानकारी कविता का कैनवास विश्वव्यापी है। ब्रह्मांड की प्रत्येक वस्तु कविता का क्षेत्र है। विश्व की अलग-अलग भाषाओं में कविता रचना की अलग-अलग शैलियां और छंद हैं, परंतु बहुत कम … Read more

Social Share Buttons and Icons powered by Ultimatelysocial
error: Content is protected !!