नहीं है खबर मुझे

नहीं है खबर मुझे नहीं है खबर मुझे – अरुण स्वामी द्वारा रचित कविता मैं किस मुकाम पर हूँ नहीं है खबर मुझे, मुकद्दर ने मारा कैसा खंजर मुझे? मंजिल पर आके अपनी अजब हादसा हुआ, मैं धड़कन को भूल गया और मेरा दिल मुझे! -अरुण स्वामी दिल कहाँ रखा????? बेदाग जिन्दगी भटूरे (Bhature) विज्ञान … Read more

दिल कहाँ रखा?

दिल कहाँ रखा? दिल कहाँ रखा? रचनाकार अरुण स्वामी द्वारा रचित प्रसिद्ध कविता फुरसत में करेंगे तुझसे हिसाब ऐ जिन्दगी, अभी तो उलझे हैं खुद को सुलझाने में। कभी इसका दिल रखा कभी उसका दिल रखा, इसी कशमकश में भूल गए खुद का दिल कहाँ रखा????? नहीं है खबर मुझे दिल कहाँ रखा????? बेदाग जिन्दगी … Read more

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