भारतीय शिक्षा अतीत और वर्तमान

भारतीय शिक्षा अतीत और वर्तमान “घर बालक की प्रथम पाठशाला और माता-पिता उसके प्रथम शिक्षक होते हैं।” उक्त कथन पूर्ण सत्य है बालक अपना पहला ज्ञान अपने परिवार और परिजनों से ही लेता है और उसके बाद ही वह समाज में प्रवेश करता है। समाज में प्रवेश करके वह समाज के बारे में प्रयोगात्मक ज्ञान … Read more

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